क्याा सोशल मीडिया पूर्णत: निरापद है?

social media

डॉ. अशोक कुमार भार्गव, आई.ए.एस.

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सोशल मीडिया (Social Media) 21वीं सदी की नई ऊर्जा से भरपूर नया चेहरा है जिसने विश्वव्यापी चिंतन के आयामों में परिवर्तन किया है और समाज में बड़े बदलाव की नींव रखी है। निसंदेह कोई भी परिवर्तन एकपक्षीय नहीं होता वह हमेशा अपनी तमाम खूबियों अच्छाइयों के बावजूद अनेक यक्ष प्रश्न भी साथ में लेकर आता है।सोशल मीडिया इसका अपवाद नहीं है। समाज की उन्नति प्रगति और विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के बावजूद सोशल मीडिया पूर्णत: निरापद नहीं है।


About Author
Avatar

Ayushi Jain

मुझे यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि अपने आसपास की चीज़ों, घटनाओं और लोगों के बारे में ताज़ा जानकारी रखना मनुष्य का सहज स्वभाव है। उसमें जिज्ञासा का भाव बहुत प्रबल होता है। यही जिज्ञासा समाचार और व्यापक अर्थ में पत्रकारिता का मूल तत्त्व है। मुझे गर्व है मैं एक पत्रकार हूं। मैं पत्रकारिता में 4 वर्षों से सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कंटेंट राइटिंग, कंटेंट क्यूरेशन, और कॉपी टाइपिंग में कुशल हूं। मैं वास्तविक समय की खबरों को कवर करने और उन्हें प्रस्तुत करने में उत्कृष्ट। मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली से संबंधित विभिन्न विषयों पर लिखना जानती हूं। मैने माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन किया है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन एमए विज्ञापन और जनसंपर्क में किया है।